USP के रिबेराओ प्रेतो मेडिकल स्कूल के, FAPESP की सहायता से हुए एक पायलट अध्ययन में 20 से 40 वर्ष की मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में ट्रांसक्रेनियल डायरेक्ट करंट स्टिमुलेशन (tDCS) को पोषण शिक्षा के साथ जोड़ा गया। पाँच दिनों में 20-20 मिनट के 15 सत्र हुए, साथ में तृप्ति, सचेत भोजन और भावनात्मक भूख पर कक्षाएँ।
हस्तक्षेप के तुरंत बाद खाने की इच्छा घटी और 1, 3 और 6 महीने पर भी कम रही। नकली उत्तेजना वाले समूह में भी खान-पान पर नियंत्रण सुधरा, जिसका श्रेय लेखक मुख्यतः पोषण शिक्षा को देते हैं। कोई गंभीर प्रतिकूल घटना नहीं हुई।
शोधकर्ता ज़ोर देते हैं कि यह छोटा पायलट अध्ययन है और वज़न व शारीरिक संरचना नहीं बदली। यह Physiology & Behavior में छपा है, और टीम अब मोटापे व अत्यधिक खाने के विकार वाले लोगों में ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन आज़माएगी।


