सोडियम लिथियम से अधिक प्रचुर और दुनिया भर में बेहतर ढंग से फैला है, इसलिए सोडियम बैटरियाँ नवीकरणीय ऊर्जा संग्रहीत करने का आशाजनक विकल्प हैं। इनकी कमज़ोरी डेंड्राइट हैं, सुई जैसी संरचनाएँ जो एनोड पर उगती हैं, बैटरी की उम्र घटाती हैं और सुरक्षा को ख़तरे में डाल सकती हैं।
FAPESP और शेल द्वारा बनाए गए तथा USP, यूनिकैंप और UFSCar में स्थित नई ऊर्जाओं के नवाचार केंद्र (CINE) के शोधकर्ताओं ने खामियों वाली सोडियम सतहों के साथ 22 रासायनिक प्रजातियों की प्रतिक्रिया का सिमुलेशन किया। उन्होंने पाया कि खामियाँ अत्यधिक प्रतिक्रियाशील बिंदुओं की तरह काम करती हैं।
फ़्लोराइड छोड़ने वाले इलेक्ट्रोलाइट इन बिंदुओं पर सोडियम फ़्लोराइड बनाते हैं, एक परत जो कमज़ोर हिस्सों को सील कर डेंड्राइट रोक सकती है। IQSC-USP के जुआरेज़ दा सिल्वा के समन्वय वाला अध्ययन सलाह देता है कि सूत्रों को पूरी तरह चिकने मॉडलों के बजाय वास्तविक खुरदरी सतहों पर परखा जाए।


