भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में तीस्ता नदी से हाथी के एक बच्चे को बचाने में शामिल चौबीस लोगों को “गज मित्र” (“हाथियों के मित्र”) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह समारोह 7 अक्टूबर को वन्यजीव सप्ताह के दौरान सिलीगुड़ी में आयोजित हुआ।
यह बचाव अभियान 21 सितंबर को हुआ, जब हाथी का बच्चा नदी की धारा में बह गया था। पांच मछुआरों ने तुरंत कदम उठाया और वन विभाग तथा अन्य अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के साथ मिलकर उसे पानी से बाहर निकालने और उसकी मां व झुंड से मिलाने में सफल रहे।
सम्मानित किए गए लोगों में वन कर्मचारी, मछुआरे और तीस्ता बैराज का गेटमैन शामिल हैं। मछुआरों में से एक, बबलू दास, ने कहा कि उन्होंने इसे अपना कर्तव्य समझा कि वे उस बच्चे की मदद करें, जो किसी इंसानी बच्चे की तरह ही अपनी मां को ढूंढ रहा था।
यह कार्यक्रम वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने बैकुंठपुर वन प्रभाग और स्थानीय नेचर एंड वाइल्डलाइफ एसोसिएशन के साथ मिलकर आयोजित किया, जिसमें मनुष्यों और हाथियों के बीच संघर्ष कम करने पर एक सत्र भी शामिल था।


