21 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN), अंतरराष्ट्रीय गोरिल्ला संरक्षण कार्यक्रम और रवांडा के स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा व संरक्षण संस्थानों ने पहाड़ी गोरिल्लाओं के घर वोल्केनोज़ राष्ट्रीय उद्यान से लगे चार ज़िलों में रेबीज़ विरोधी अभियान चलाया।
लगभग 400 लोगों — सामुदायिक नेताओं, पशुचिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, धार्मिक नेताओं, युवाओं, महिलाओं और पत्रकारों — को “वन हेल्थ” दृष्टिकोण का प्रशिक्षण दिया गया, जो मानव, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य को एक ही प्रणाली मानता है। अभियान गोरिल्लाओं के आवास की सीमा पर कुत्तों के मुफ़्त टीकाकरण के साथ समाप्त हुआ।
गाँवों के कई कुत्ते उद्यान में चले जाते हैं, और एक भी पागल जानवर लोगों और गोरिल्लाओं को संक्रमित कर सकता है। रेबीज़ से दुनिया में हर साल लगभग 59,000 लोगों की मौत होती है, फिर भी कुत्तों के टीकाकरण और काटने के बाद तुरंत इलाज से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है। रवांडा इसे 2030 तक ख़त्म करना चाहता है।


