अर्जेंटीना के CONICET के शोधकर्ताओं के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने पहचाना है कि बैक्टीरिया के एक एंज़ाइम में मामूली बदलाव प्रतिरोधी बैक्टीरिया के ख़िलाफ़ कुछ सबसे नए उपचारों की प्रभावशीलता कैसे घटा सकता है। यह अध्ययन अमेरिकन सोसाइटी फ़ॉर माइक्रोबायोलॉजी की पत्रिका एंटीमाइक्रोबियल एजेंट्स एंड कीमोथेरेपी में प्रकाशित हुआ।
वैज्ञानिकों ने PER-14 एंज़ाइम का अध्ययन किया और पाया कि यह अर्जेंटीना के बैक्टीरिया में आम PER-2 से केवल एक अमीनो अम्ल में अलग है। यह छोटा अंतर इतना है कि दो नए अवरोधक, एविबैक्टम और रेलेबैक्टम, इस एंज़ाइम को बहुत कम रोक पाते हैं। लेखकों का मानना है कि PER-14 शायद PER-2 से विकसित हुआ है।
प्रतिरोधी बैक्टीरिया के संक्रमण से दुनिया में हर साल कम से कम 7 लाख मौतें होती हैं। शोधकर्ता मेलिना रुजिएरो और मेलिना गार्सिया अलोंसो बताती हैं कि आणविक स्तर पर इन तंत्रों को समझने से अधिक प्रभावी एंटीबायोटिक संयोजन बनाने में मदद मिलती है।


