MIT स्कूल ऑफ़ साइंस की डीन, खगोलभौतिकविद् नर्गिस मावालवाला ने पाकिस्तान के लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेज़ (LUMS) में 11वाँ अब्दुस सलाम स्मृति व्याख्यान दिया। यह शृंखला पाकिस्तानी भौतिकविद् और 1979 के भौतिकी नोबेल विजेता अब्दुस सलाम के सम्मान में है।
लाहौर में जन्मी और कराची में पली-बढ़ी मावालवाला उस टीम का हिस्सा थीं जिसने पहली बार गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाया। व्याख्यान में उन्होंने बताया कि इन तरंगों ने ब्रह्मांड को देखने का नया तरीका कैसे खोला, 2015 में दो ब्लैक होल के विलय की खोज से लेकर 2017 में न्यूट्रॉन तारों की टक्कर तक।
उन्हें मैकआर्थर फ़ेलोशिप मिली है और वे अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की सदस्य हैं। व्याख्यान के अंत में श्रोताओं के साथ खुली चर्चा हुई।


