नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर (NUS) के रासायनिक और जैव-आणविक इंजीनियरिंग विभाग की तीन परियोजनाओं को Low Carbon Energy Research Scale-up वित्त पोषण कार्यक्रम के लिए चुना गया है। कुल पाँच परियोजनाएँ सरकार के उन्नत ऊर्जा और डीकार्बनाइज़ेशन कार्यालय से मिले 6.5 करोड़ सिंगापुर डॉलर साझा करती हैं। घोषणा 23 अक्टूबर को हुई।
पहली परियोजना छिद्रयुक्त सामग्रियों से चिमनी की गैसों से CO2 पकड़ती है और एक बिजलीघर में 5 टन प्रतिदिन की प्रणाली तथा 2 टन प्रतिदिन का पायलट लगाने की योजना है। दूसरी मीथेन से हाइड्रोजन और ठोस कार्बन बनाती है, जिसका लक्ष्य प्रतिदिन 100 किलो हाइड्रोजन और 300 किलो कार्बन नैनोट्यूब है। तीसरी CO2 को अन्य गैसों से अलग करने के लिए खोखले रेशों वाली झिल्लियों का उपयोग करती है।
प्रयोगशाला और पायलट चरणों के बाद यह चरण प्रणालियों को बड़े पैमाने, उद्योग में एकीकरण और टिकाऊपन के लिए परखेगा, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र की कई कंपनियाँ साझेदार हैं।


