इंडोनेशिया के IPB विश्वविद्यालय ने पालतू पक्षियों की प्रमुख बीमारियों में से एक, न्यूकैसल रोग की खोज के सौ साल पूरे होने पर 27 अक्टूबर को एक ऑनलाइन सेमिनार आयोजित किया।
चर्चा में एक रणनीति देश में ही अलग किए गए वायरसों से बने समरूप टीके विकसित करना थी। विश्वविद्यालय के अनुसार यह तरीक़ा पक्षियों को ज़मीनी स्तर पर फैल रहे वायरसों से बेहतर बचा सकता है।
कार्यक्रम में शोधकर्ता, सरकारी अधिकारी और मुर्गीपालन उद्योग के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने रोग नियंत्रण को अधिक प्रभावी और मुर्गीपालन को अधिक सतत बनाने के लिए सभी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग की बात कही।


