भारतीय शहर चेन्नई ने 11 अक्टूबर को अपनी मेट्रो येलो लाइन का पहला खंड शुरू किया, जिसमें पूनमल्ली बाइपास और वडापलनी के बीच लगभग 15 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक और 11 स्टेशन हैं। नई लाइन पश्चिमी उपनगरों को बाकी नेटवर्क से जोड़ती है और केंद्र तक का सफर छोटा करती है।
मांग तुरंत दिखी: संचालन के पहले पांच घंटों में ही 25,474 यात्राएं दर्ज की गईं। इस शुरुआत के साथ चेन्नई का मेट्रो नेटवर्क अब 68.7 किलोमीटर तक फैल गया है।
अल्स्टॉम द्वारा निर्मित ये ट्रेनें 80 किमी/घंटा तक की गति पर चालक रहित संचालन के लिए डिज़ाइन की गई हैं, ब्रेक लगाने पर ऊर्जा वापस प्राप्त करती हैं और यात्रियों को रीयल-टाइम जानकारी देती हैं। सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगे हैं।
लाइन को 11.4 किलोमीटर और बढ़ाकर लाइट हाउस तक ले जाने का काम जारी है। पूरा होने पर येलो लाइन 26 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें 28 स्टेशन होंगे, जिनमें से दस भूमिगत होंगे।


