भारत सरकार द्वारा जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, 2015 से 2024 के बीच भारत में क्षय रोग (टीबी) के नए मामलों में 21% की गिरावट दर्ज की गई। इसी अवधि में वैश्विक गिरावट 12% रही।
उपचार कवरेज 92% रोगियों तक पहुंच गया, जो 78% के वैश्विक औसत से अधिक है। इस बीमारी के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान के तहत 28 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई है और 20 लाख से अधिक लोगों को निवारक उपचार मिला है।
समुदायों तक पहुंचने के लिए देश ने युवा स्वयंसेवकों और कैडेटों की टीमें शुरू की हैं, जो शुरुआती निदान, उपचार का पालन और कलंक के खिलाफ लड़ाई को बढ़ावा देंगी। इसकी शुरुआत 11 राज्यों के 55 जिलों से होगी। 2026 में लगभग 68,000 गांवों को टीबी-मुक्त घोषित किया गया।
भारत ने दवा-प्रतिरोधी क्षय रोग के लिए छह महीने का छोटा उपचार भी शुरू किया है। लक्ष्य 2030 के वैश्विक लक्ष्य से पहले इस बीमारी को समाप्त करना है, हालांकि अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।


