जर्मनी के ड्रेसडेन स्थित फ्राउनहोफ़र सिरेमिक प्रौद्योगिकी और प्रणाली संस्थान (IKTS) ऐसी पट्टियाँ बना रहा है जो सक्रिय पदार्थ सीधे घाव में छोड़ती हैं, ताकि पुराने घाव भरें और संक्रमण रुके।
ये पट्टियाँ पॉलीलैक्टिक एसिड की झिल्लियों से बनी हैं, जो शरीर में घुल जाने वाला पॉलिमर है। इन्हें इलेक्ट्रोस्पिनिंग से बनाया जाता है, जिसमें ऊँचा तापमान नहीं होता और प्रोटीन सुरक्षित रहते हैं।
इनमें बैक्टीरियोफ़ेज हैं, यानी बैक्टीरिया को मारने वाले वायरस जो एंटीबायोटिक का प्राकृतिक विकल्प हैं; नई त्वचा कोशिकाओं को बढ़ाने वाले प्रोटीन; और MXene नाम के कीटाणुरोधी नैनो-पदार्थ। मिलाने से पहले हर घटक की अलग-अलग जाँच हो रही है।
जर्मनी में लगभग 10 लाख लोग दबाव के घाव या मधुमेह के पैर के घाव जैसे पुराने घावों का इलाज करवाते हैं, जिस पर सालाना लगभग 7.5 अरब यूरो ख़र्च होते हैं। यूरोपीय परियोजना AntiMicroMXen मई 2027 तक चलेगी और परीक्षणों के लिए क्लिनिकल साझेदार खोज रही है।


