भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर ने 11 अक्टूबर 2026 को 100 से अधिक मानव मस्तिष्कों के कोशिका-स्तर के 3D नक्शे बनाने का मिशन शुरू किया। ये मस्तिष्क गर्भ से लेकर बुढ़ापे तक पूरे जीवनकाल को दर्शाते हैं और इनमें तंत्रिका रोगों से प्रभावित मस्तिष्क भी शामिल हैं।
केंद्र मृत्यु के बाद दान किए गए मस्तिष्कों को अपने इमेजिंग और कंप्यूटिंग प्लेटफ़ॉर्म से डिजिटल 3D नक्शों में बदलता है। ये नक्शे परम शक्ति सुपरकंप्यूटर पर तैयार किए जाते हैं। संस्थान के अनुसार, यह कोशिका-स्तर के पूरे मस्तिष्क के 3D नक्शों का सबसे बड़ा संग्रह होगा।
शुरुआत के मौके पर C-STROKE पेश किया गया, जिसे मानव इस्केमिक स्ट्रोक का दुनिया का पहला एटलस बताया गया है। इसमें जीवनकाल में किए गए MRI स्कैन को पूरे मस्तिष्क की सूक्ष्म तस्वीरों से जोड़ा गया है, एक प्रभावित मस्तिष्क के 1,000 से अधिक चिह्नित खंडों में, और यह शोधकर्ताओं और डॉक्टरों के लिए खुले रूप से उपलब्ध है।
केंद्र में लगभग 200 शोधकर्ता, इंजीनियर और तकनीशियन काम करते हैं, साथ ही भारत के 10 से अधिक चिकित्सा संस्थान और 10 से अधिक देशों के 30 से ज़्यादा शोधकर्ता जुड़े हैं। संस्थान ने 100 से अधिक नक्शे पूरे करने की कोई समय-सीमा नहीं बताई।


